व्यास जी का जन्म संवत २०२१ ज्येष्ठ
कृष्णपक्ष षष्ठी को हुआ था। आपमें बाल्यावस्था से ही ठाकुर
सेवा-पूजा के संस्कार पूज्य दादाजी श्री भगवानदासजी के द्वारा
डालना प्रारम्भ हो गया था। बाल्यावस्था में यग्योपवित संस्कार
होने के पश्चात वंश परम्परा से पुज्य चाचाजी श्री किशोरवन
सेवाधिकारी पुज्य गुरूजी आचार्य श्री गोविंद किशोरजी गोस्वामीजी
के द्वारा दीक्षा संस्कार हुआ। आपकी १०वर्ष की आयु में दादाजी
का गोलोकवास हो जाने व पिताजी के अध्यापन के कारण वृन्दावन से
दूर होने से ठाकुरजी की सेवा पूजा व गौसेवा के साथ विद्याध्ययन
पूर्ण किया। स्नातकोत्तर के उपरांत २वर्ष तक वृंदावन में ही
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मे अध्यापन के कार्य से मुक्त होकर
वृंदावन के परम वैष्णव विद्वान शुद्धाद्धैत भूषण पुज्य गुरुजी
उपाध्याय श्री हरीवल्लभ शास्त्रीजी महाराज की परम स्नेहमयी कृपा
से "श्रीमद भागवत भगवान" की आपको कृपा प्राप्त हुयी। यह
भागवत-भक्ति कृपा साध्य है साधन साध्य नहीं कलियुग जो मन को
बिगा़डता है, कथा के माध्यम से ही मन को शुद्ध रखा जा सकता है
अत: गुरुजी से प्राप्त भागवत कृपा को कथा के माध्यम से भक्त
वैष्णवों में प्रचार-प्रसार करके, कथा से जीवों को सदमार्ग पर
चलने की प्रेरणा देने का कार्य पूज्य गोस्वामी श्री बजेंद्र
मोहनजी द्वारा निरन्तर जारी है
जय श्री राधे-कृष्णा। जय श्री राधे-राधे।
CONTACT